Not Guilty Song ,कोहराम एलबम के 13th नंबर का गाना है जिसे dhandha nyoliwala द्वारा गाया गया है, इस गाने को सुनने और देखने के लिए आप Dhandha Nyoliwala के official यूट्यूब चैनल पर जाकर देख और सुन सकते है।
जो करे भी नी कदे इल्ज़ाम लिए फिरा
इक नाम है वो भी बदनाम लिए फिरा
इक तू है जो हक़ में खड़ी है इब्बे तक
बाकी दुनिया ख़िलाफ़ रे तमाम लिए फिरा
जो करे भी नी कदे इल्ज़ाम लिए फिरा
इक नाम है वो भी बदनाम लिए फिरा
इक तू है जो हक़ में खड़ी है इब्बे तक
बाकी दुनिया ख़िलाफ़ रे तमाम लिए फिरा
रावां ठोक के बंद्या मैं दूर चावलाां ते छोरी
बंदे दोगले पहचान जानवां नज़रां ते छोरी
बंध देखे नै है टूटदे तू सबरां के छोरी
बंदा दो बार मारां काढ़ कबरां ते छोरी
थोड़े फस्लां ते आए लाए अस्ल्यां पे छोरी
थोड़े क़त्लां के लंबे चाल्ले मस्ल्यां पे छोरी
थोड़े एलवी अमीरी आले डफ़लां मं घाले
उरे सारे दरिया का तान झाम लिए फिरा
जो करे भी नी कदे इल्ज़ाम लिए फिरा
इक नाम है वो भी बदनाम लिए फिरा
इक तू है जो हक़ में खड़ी है इब्बे तक
बाकी दुनिया ख़िलाफ़ रे तमाम लिए फिरा
Hmmm Hmmm Hmmm
आऊ करने पे पूरा फेर काम नै अड़्या है
इक बोल पे छोरे की गेला गाम भी खड़्या है
लोग सोचे बद्दुआवां गेला मर जावांगे
मेरी मां इब्बे जिनवें मेरा राम नै मर्या है
कच्चे घरां आली पक्क्यां की ना पचदी तरक्की
बाबू माड़ा लाग गया कोण बेन बात कर्या हक़ की
भाई उस दिन करे थे ज़मीन गहने रख्खी
आज कामयाब हो गए आं तो कहवे छोरा लकी
गेज खाली थी रे उनमें धीराम लिए फिरा
तेरे शहर के एमएलए की सलाम लिए फिरा
मेरी गेल पड़े हैं छोरे बिश्नोईयां के बथेरे
इस करके आ गाड़ी रे मुकाम लिए फिरा
जो करे भी नी कदे इल्ज़ाम लिए फिरा
इक नाम है वो भी बदनाम लिए फिरा
इक तू है जो हक़ में खड़ी है इब्बे तक
बाकी दुनिया ख़िलाफ़ रे तमाम लिए फिरा
जो करे भी नी कदे इल्ज़ाम लिए फिरा
इक नाम है वो भी बदनाम लिए फिरा
इक तू है जो हक़ में खड़ी है इब्बे तक
बाकी दुनिया ख़िलाफ़ रे तमाम लिए फिरा
कल्ला मंदिरां में जल नै चढ़ाया छोरेआ ने रे
लोटे गंगा के मैं पह्लां कई ही तार के आए है
जिन मुल्कां के फिरे रे तू वीज़े भालदी तू
रे उन मुल्कां में डंकी छोरे मार के आ रहे है
दिन चार ये जवानी आले हमने भी देखे
इसलिए थोड़ा नेचर रे कैल्म लिए फिरा
जो करे भी नी कदे इल्ज़ाम लिए फिरा
इक नाम है वो भी बदनाम लिए फिरा
इक तू है जो हक़ में खड़ी है इब्बे तक
बाकी दुनिया ख़िलाफ़ रे तमाम लिए फिरा
जो करे भी नी कदे इल्ज़ाम लिए फिरा
इक नाम है वो भी बदनाम लिए फिरा
इक तू है जो हक़ में खड़ी है इब्बे तक
बाकी दुनिया ख़िलाफ़ रे तमाम लिए फिरा

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