इश्क़ दा चेहरा Ishq Da Chehra Song Lyrics - Border 2 | Diljit Dosanjh | Sachet Tandon | Parampara Tandon


Song Credits
Song Name - Ishq Da Chehra
Music - Sachet-Parampara
Lyrics - Kausar Munir
Singers - Diljit Dosanjh, Sachet Tandon, Parampara Tandon
Music Production - Nikhil - Swapnil, 
Music Label - T-Series

गीत का विवरण इश्क़ दा चेहरा
'इश्क़ दा चेहरा' एक रूहानी और ऊर्जा से भरपूर रोमांटिक गाना है, जो प्यार के दिव्य अहसास को बड़े ही खूबसूरत ढंग से पेश करता है। यह गीत पारंपरिक पंजाबी लोक-संगीत के स्पर्श और आधुनिक मेलोडी का एक बेहतरीन संगम है। वैश्विक सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ और हिट मेकर जोड़ी सचेत-परंपरा की आवाज़ें इस गाने को एक अलग ही स्तर पर ले जाती हैं।
मुख्य विशेषताएं
गायन की जुगलबंदी: इस गाने में दिलजीत दोसांझ की कशिश भरी आवाज़ और सचेत-परंपरा की पावरहाउस गायकी का तालमेल सुनने को मिलता है। दिलजीत जहां गाने में एक देसी और सजीला अंदाज़ जोड़ते हैं, वहीं सचेत और परंपरा अपनी हाई-नोट गायकी से इसमें जोश भर देते हैं।

भावपूर्ण शब्द: मशहूर गीतकार कौसर मुनीर ने मोहब्बत को बेहद मासूमियत से कागज़ पर उतारा है। "इश्क़ दा चेहरा तेरा हूबहू" जैसी पंक्तियां यह बताती हैं कि जब किसी को अपना सच्चा प्यार मिलता है, तो उसे उस इंसान में ही खुदा और मोहब्बत की शक्ल नज़र आने लगती है।

संगीत और लय: सचेत-परंपरा द्वारा रचित यह गाना उत्सव और उल्लास का प्रतीक है। इसमें मोरनी', 'ढोल-मजीरा' और 'कलीरा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल इसे भारतीय शादियों और जश्न के लिए एक आदर्श गीत बनाता है।
सारांश 
यह गीत प्यार की पहली बारिश से लेकर उम्र भर साथ निभाने के वादे तक की कहानी कहता है। यह एक ऐसा गाना है जो न केवल सुनने में मधुर है, बल्कि विजुअली भी एक भव्य भारतीय शादी की तस्वीर पेश करता है। दिलजीत का 'स्वैग' और सचेत-परंपरा की मधुरता इसे हर उम्र के श्रोताओं के लिए खास बनाती है।
इश्क़ दा चेहरा LYRICS
बाग़ बहारा
मेरा यारा
इश्क़ दी पहली बरखा लायावे
मोरनी बन के झूमो यारा
तूने इश्क़ में नचना सिखाया
आवे
एक नूर दा सितारा,
एक दूर दा किनारा
मेरे को आज चलने लगा
शगना एक चन्ना उतरा है मेरे अंगना,
मेरे कोवे चमकने लगा
इश्क़ दा यारा
नाम सुना था तुझसे, मिला तो मैं हुआ रूबरू
इश्क़ दा चेहरा तेरा हूबहू
सारी जिंदगी तेनु तक रहूं
इश्क़ दा चेहरा तेरा हूबहू
सारी जिंदगी तेनु तक रहूं
के सा डाल के सहरा निकले, जब सब चेहरा चमक दमक
तू चमक चमक में इश्क़ का यारा रंग है गहराया
सुंदर साया
चंदन तेरी महक बदल गई
ओ जोड़ा मैंने मेरा कलीरा, जोड़ा अपना डोल मजीरा
उगरे उंगली से अब मेरी मुदरी ना तू ही मेरी सिंदूरी
इसमें जिंदगी मेरी बोली, तेरे सर से उतरना नहीं
हो तुझ में कोई साग नहीं है
चांद ते यारा वे कैसे कहूं
इश्क़ दा चेहरा तेरा हूबहू
सारी जिंदगी तेनु तक रहूं
इश्क़ दा चेहरा तेरा हूबहू
सारी जिंदगी तेनु तक रहूं

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