Saiyaara Song Lyrics

तू पास है, मेरे पास है ऐसे,

मेरा कोई एहसास है जैसे

तू पास है, मेरे पास है ऐसे,

मेरा कोई एहसास है जैसे

हाय, मैं मर ही जाऊँ

जो तुझको न पाऊँ

तेरी बातों में मैं रातें बिताऊँ

होठों पर लम्हा-लम्हा,

है नाम तेरा हाय

तुझको ही गाऊँ, मैं तुझको पुकारूँ


सैयारा, तू तो बदला नहीं है,

मौसम ज़रा सा रूठा हुआ है

सैयारा, तू तो बदला नहीं है,

मौसम ज़रा सा रूठा हुआ है

बीते लम्हों से दुनिया बसा लूँ

मैं तो तेरे आँसुओं का बना हूँ

मेरी हँसी में तेरी सदा हैं,

तेरी कहानी खुद को सुनाऊँ

यादों के तारे, यादों के तारे टूटेंगे कैसे?

मेरे हैं जो, वो रूठेंगे कैसे?

बीते दिनों की खोली किताबें

गुज़रे पलों को कैसे भुला दें?

हाय, मैं मर ही जाऊँ,

जो तुझको न पाऊँ

तेरी बातों में मैं रातें बिताऊँ

होठों पर लम्हा-लम्हा,

है नाम तेरा हाय

तुझको ही गाऊँ, मैं तुझको पुकारूँ


सैयारा, तू तो बदला नहीं है,

मौसम ज़रा सा रूठा हुआ है

सैयारा, तू तो बदला नहीं है,

मौसम ज़रा सा रूठा हुआ है


जिस रोज़ हम तुम फिर से मिलेंगे,

ये सारी बातें तुझसे कहेंगे

दुनिया में चाहे बन जाए जो भी,

तेरे बिना तब कुछ न रहेंगे

हाय, मैं मर ही जाऊँ,

जो तुझको न पाऊँ।

जो तुझको न पाऊँ, मैं मर ही जाऊँ

होठों पर लम्हा-लम्हा,

है नाम तेरा हाय

तुझको ही गाऊँ, मैं तुझको पुकारूँ


RELEASED ON - YRF


संक्षिप्त विवरण 

1- प्रेम और निकटता का एहसास

गीत की शुरुआत में प्रेमी अपनी प्रियतमा की निकटता का वर्णन करता है। वह कहता है कि उसका पास होना एक अनमोल एहसास देता है। उसकी अनुपस्थिति में वह जी नहीं सकता और उसकी बातों में रातें बिताने की बात करता है। प्रियतमा का नाम हर पल उसके होठों पर रहता है, जिसे वह बार-बार पुकारता है।


2- सैयारा और मौसम का रूठना

गीत का मुखड़ा "सैयारा" शब्द के साथ प्रियतमा को संबोधित करता है। प्रेमी कहता है कि उसकी प्रियतमा वही है, नहीं बदली, लेकिन मौसम थोड़ा उदास और रूठा हुआ है। यह मौसम उनके प्रेम के मिजाज को दर्शाता है।


3- यादों और बीते लम्हों की तड़प

प्रेमी अपनी प्रियतमा की यादों में खोया है। वह बीते पलों को संजोकर एक दुनिया बसाना चाहता है। उसकी हंसी में प्रियतमा की सदा बसी है, और वह उसकी कहानी को बार-बार जीता है। यादों के तारे और पुराने पल उसे भूलने नहीं देते।

4- पुनर्मिलन की उम्मीद

गीत के अंत में प्रेमी भविष्य में प्रियतमा से मिलने की आशा व्यक्त करता है। वह कहता है कि जब वे फिर मिलेंगे, तो सारी बातें कह डालेगा। उसके लिए दुनिया में कुछ भी हो जाए, प्रियतमा के बिना उसका जीवन अधूरा है। वह फिर से अपनी तड़प और प्रेम को दोहराता है।