घर कब आओगे Ghar Kab Aaoge Song Lyrics - Border 2 | Sunny Deol | Arijit Singh | Vishal Mishra



Song Credits: 

Song: Ghar Kab Aaoge

Original Song Composed by: Anu Malik 

Original Lyrics by: Javed Akhtar 

Song Recreated by: Mithoon 

Lyrics by: Manoj Muntashir Shukla 

Singers: Sonu Nigam, Roop Kumar Rathod, Arijit Singh, Vishal Mishra & Diljit Dosanjh 


गाने का विवरण 

यह गीत केवल एक रचना नहीं, बल्कि हर उस सैनिक और उसके परिवार की खामोश चीख और इंतज़ार की दास्तां है, जो सीमा पर देश की रक्षा कर रहे हैं।

1 मुख्य विषय 

इस गीत का मूल विषय 'घर वापसी की तड़प' और 'विछोह' (Separation) है। यह एक सैनिक के मानसिक द्वंद्व को दर्शाता है एक तरफ उसका अपने देश के प्रति कर्तव्य है, और दूसरी तरफ अपनों से मिलने की गहरी इच्छा

2 भावनाओं का प्रवाह 

इंतज़ार और व्याकुलता: "संदेशे आते हैं, हमें तड़पाते हैं" पंक्तियां दर्शाती हैं कि घर से आने वाली चिट्ठियां खुशी तो लाती हैं, लेकिन साथ ही अपनों से दूर होने का दर्द भी बढ़ा देती हैं

अकेलापन: "तुम बिन ये दिल सूना सूना है" के माध्यम से परिवार और सैनिक दोनों के खालीपन को महसूस किया जा सकता है।

उम्मीद और वादा: गीत के अंत में "मैं वापस आऊंगा" की गूंज एक सकारात्मक उम्मीद और अपने वादे को निभाने के अटूट संकल्प को दर्शाती है।

3  काव्य सौंदर्य और शब्द

हवा से गुहार: गीत में हवा को एक दूत की तरह इस्तेमाल किया गया है। सैनिक हवा से पूछता है कि क्या वह उस 'फासले' (दूरी) को कम कर सकती है जो उसे उसके घर से अलग करती है।

स्मृतियां: प्यार की छांव और गांव  की गालियां जैसे शब्द गांव के सरल और प्रेम पूर्ण जीवन की याद दिलाते हैं, जो युद्ध के मैदान की कठोरता के बिल्कुल विपरीत है।

4 संगीत और गायन 

इस नए संस्करण में सोनू निगम और रूप कुमार राठौड़ की मूल आवाज़ों के साथ अरिजीत सिंह, विशाल मिश्रा और दिलजीत दोसांझ का समावेश इसे एक नया आयाम देता है।

जहां मूल गायकों की आवाज़ में एक पुरानी यादों वाली कशिश है, वहीं नए गायकों की आवाज़ आज की पीढ़ी के दर्द और जुनून को जोड़ती है।

मिथुन का संगीत निर्देशन मूल धुन की आत्मा को बरकरार रखते हुए उसमें भव्यता और गहराई भरता है।

निष्कर्ष 

यह गीत हमें याद दिलाता है कि तिरंगे में लिपटकर आने वाले नायक के पीछे एक ऐसा परिवार भी होता है जो हर आहट पर दरवाज़े की ओर देखता है। यह त्याग, बलिदान और निस्वार्थ प्रेम का एक सुंदर मेल है।

Ghar Kab Aaoge lyrics 

ओ ओ ओ ओ...

संदेशे आते हैं

हमें तड़पाते हैं

जो चिट्ठी आती हैं

वो पूछे जाती हैं


कि घर कब आओगे

कि घर कब आओगे

लिखो कब आओगे

कि तुम बिन ये दिल

सूना सूना है


संदेशे आते हैं 

हमें तड़पाते हैं 

जो चिट्ठी आती हैं 

वो पूछे जाती हैं 

कि घर कब आओगे

कि घर कब आओगे

लिखो कब आओगे

कि तुम बिन ये दिल

सूना सूना है


ओ ओ ओ ओ…


ऐ गुजरने वाली हवा बता

मेरा इतना काम करेगी क्या

मुझे छोड़ के जो चला गया

उसे ढूंढ लाओ 


कोई रह गुज़र या कोई गली

मुझे आज तक तो नहीं मिली

जो मिटा सके ये फासला 

जो मिटा सके ये फासला 


मैं वापस आओगे 

मैं वापस आओँगा

फिर अपने गांव में

प्यार की छांव में


तरसती आंखों से

किसी की बाहों से

के घर के राहों से

किया जो वादा था वो निभाओगे 

मैं वापस आओँगा

मैं वापस आओँगा


ओ ओ ओ ओ...

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